Farmar Registry id: 20 लाख किसानों को मिलेगा यूनिक आईडी का फायदा

WhatsApp Chennal Join Now
Telegram Group Join Now

Farmar Registry id – पीएम किसान योजना के तहत आज हर एक किसान को लाभ मिल रहा है। और सरकार निरंतर प्रयास कर रही है कि सभी पात्र किसानों को इन योजनाओं का लाभ बिना की भागदौड़ के मिल सके। इसके लिए सरकार एक के बाद एक पहल की शुरुवात कर रही है। जिससे किसानों को डिजिटल रूप से जोड़ा जा सके। इसके लिए सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री पहल की शुरुवात की है। इस पहल के तहत किसानों को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी जिससे पात्र लाभार्थी की पहचान की जा सके।

अब तक कितने किसानों को मिली फार्मर आईडी

अब तक करीब राज्य कृषि विभाग के अनुसार 20 लाख किसानों को फार्मर आईडी जारी की जा चुकी है और इसके अलावा 4.5 लाख से अधिक किसान की ई केवाईसी प्रक्रिया के तहत कवर किया जा चुका है इस आईडी में किसानों का नाम पता जमीन की जानकारी और अन्य जरूरी विवरण डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है।

एग्री स्टैक प्रोग्राम से किसानों को सुविधा

राज्य के जिलों में पंचायत स्तर पर विशेष कैंप कृषि विभाग द्वारा लगाए जा रहे हैं ताकि एग्री स्टेट प्रोग्राम से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा सके इस योजना का उद्देश्य पत्र किसानों की पहचान करके उन्हें एक डिजिटल पहचान देना है जिससे किसानों को ज्यादा भागदौड़ के बिना विभिन्न सरकारी योजना का लाभ मिल सके। सरकार ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि आगे पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली सभी भुगतान राशि केवल रजिस्ट्रेशन फार्मर आईडी के माध्यम से मिलेगी इसलिए किसानों को एग्री स्टैक के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य हो गया है।

पीएम किसान योजना का मिलेगा पूरा लाभ

राजस्व विभाग के सचिव ने भरोसा से कहा है कि निर्धारित समय के अंदर पीएम किसान योजना के सभी पात्र किसानों को सरकार की नई पहल फार्मर आईडी से जो दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि यह काम बहुत ही तेजी से चल रहा है बिहार के तकरीबन दो करोड़ किसानों को एग्री स्टैक पहल के तहत शामिल किया जाना है। सरकार का कहना है कि किसी भी तकनीकी कारणों से किसानों को समय पर आर्थिक सहायता और योजना का लाभ मिलने से न रुके।

तकनीकी कारणों से जमीन लिंक होने में परेशानियां

इस मामले से जुड़े एक कृषि अधिकारी ने बताया है की बड़ी संख्या में किसानों ने डिजिटल आईडी बनवाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन किया है। लेकिन कृषि जमीन में रिकॉर्ड खराब होने के कारण तकनीकी परेशानियां आ रही है उन्होंने बताया है कि इसी कारण से फार्मर आईडी को जमीन से लिंक करने की प्रक्रिया लेट हो रही है।

Leave a Comment